भोजपुरी में गद्य से शुरुआत करिके पद्य के दुनियाँ में उतरे वाला हिन्दी-भोजपुरी के सुप्रतिष्ठित साहित्यकार चंद्रेश्वर जी के पहिला भोजपुरी कविता -संग्रह ‘गोहार ‘ के पढ़े से पहिले हम ‘कवि का ओर से दूर गो बात ‘ के पढ़े लगनीं।अपना एह आत्मकथ्य में कवि कविता के लेके कुछ साफ-साफ बतकही कइले बाड़न।उनकर कहनाम बा – 1-” कविता सच्चाइयन से जोड़ के मनुष्य-जीवन के एगो गति प्रदान करेले।××××× सभ्यता -संस्कृति के रचे-गढ़े में मय संसार में ओकर योगदान विशेष रहल बा।ऊ प्रेम आ प्रतिरोध साथ लेके आपन जय-जतरा प निकलेले।”…
Read More