गंगा के नवगीत भीतर भाव के उत्पात

भोजपुरी साहित्यांगन के एगो चमकत सितारा गंगा बाबू, हँ गंगा प्रसाद अरुण के भोजपुरी काव्य संसार में आपन विशेष पहचान बा। गंगा बाबू के कलम भोजपुरी के हर विधा के समृद्ध कइले बा बाकिर उहां के प्रिय विधा काव्य रहे। कविता में उहाँ के गीत, नवगीत, हाइकु, गजल आ दूसरों विधा में खूब कलम चलवनीं बाकिर उनुका भीतर गीत – नवगीत के अजस्त्र धारा बहत रहत रहे। उहाँ के भोजपुरी गीत – नवगीत संसार के एगो विशेष पहचान देनीं। मंच से लेके पुस्तक आ पत्रिकन तक में। उहाँ के ‘…

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