ई कवनो मुवे के उमिर रहे

एह घरी तहार आँखि शमसान लेखा हो गइल बा भकसावन,सून आ चिता के भसम नीयर मटमइल उज्जर तहार मुसुकी पहिले लेखा नइखे रिझावत रोवला का पहिले लोर भरल आँखि तोपला के कला के माहिर भर बा सुनाs!! जेकरा के तोपि के राखल चाहतानी नु ओह घाव के जामल लोहू के रंग के तहार माई  जानतानी जानला के परयास में अउंजा के का करबू मरजाद के चउकठ पर बलि देत बेरा तहरा बाबूजी के हांथ काहें ना कांपेला। मूवे के कहतारू, त मू जा तहरा नाँव पर रोवे खाति अइहें मरजाद…

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दामोदराचारी मिश्रा जी के 4 गो अनूदित कविता

एमाण्डा लवलेस अमरीकी महिला कवयित्री हई। इनकरा गुडरिड्स पोएट ऑफ द ईयर खातिर नामित कईल गईल रहे। ईहाँ के वूमेन आर सम काइंड ऑफ मैजिक सीरीज के लेखिका हइ। एमाण्डा के कुछ कविता के भोजपुरी अनुवाद उपलब्ध बा। मूल कविता के हिंदी में अनुवाद राजेश  चन्द्र के बाटे। श्री राजेश चन्द्र के हिंदी अनुवाद से एकरा के भोजपुरी में कईल बा मार द ओह दानवन के ——————- होशियार रहिहs ओह लइकन से जवन बोलेलs सन हमेशा आधा साँच काहे से कि ओकनी के हमेशा रहिहs सन प्यार में आधा तहरा…

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भोजपुरी के पानी

बजड़ा से बचपन उपजाईं, जौ से जोश जवानी। माँटी से माँटी के कविता, भोजपुरी के पानी। हम्मर नइखे कवनो सानी, रउरा मानीं भा ना मानीं। गेहूँ के गदराइल बाली गावे गीत गुमान के। सरसो के बुकवा लागल तन तूरे कठिन पखान के। धान धँउस ना सहलसि, दिहलसि कबहूँ कवनो भाँति के, रहर रहनिरखवार ठाढ़ करि ऊँचा पगड़ी शान से। मकई माथे टीका कइलसि छाती भइल उतानी। मटर टरे ना देत बचन के कबहूँ कवनो काल में। चन्नन माथे चमचम चमके चना बेंचि हर साल में। गावे गीत गरब से गोंएड़…

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भोजपुरिया

रउरा लिखनीं बेद हो गइल, हम जो लिखीं कहानी ह? साँच- साँच बस रउरा कहनीं, हम जो कहीं जुबानी ह? आ जाईं एकरोज अखाड़ा हम बस अतने जानीले, बतला देइबि कतना दम बा, का भोजपुरिया पानी ह? पीपर, बरगद, पाकड़, महुआ, जामुन, गुल्लर आम के। राउर मरजी कहि लीं कुछुवो, पूजीं सुबहो शाम के। तनगरमी से जाड़ लजाला, माथे राखीं घाम के। बादर आ के करे चिरउरी, जल ढारे बिन दाम के। सूरूज चंदा पहरा देलें, नाता ई खनदानी ह। मड़ुआ, टांगुन, साँवा, साईं, बजड़ा, जौ उपजाइ के मठ्ठा, रोटी,…

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घरवा में बाटे न हरदिया, दरदिया……!!

का जमाना आ गयो भाया, मारे बरियरा रोवै न देस।  ई त लमहर आफत आइल बाटे भाई, पहिले लोग कड़ी निंदा से काम चला लेत रहलें,बाकि अचके में सुभाव काहें बदल लीहलें? शाकाहारी होखला का बादो हतना तेज झपट्टा, अचके में  बिसवास नइखे होत। अजबे हालत कर दीहलें यार, न कहते बनता आ न  सुनते | एह बेरी त बेसी थू – थू करा दीहल लोग सगरी दुनिया में। अब त रोवहूँ नइखे देत सन, अबले जेकरा आगु रो-गा के भीख मिल जात रहल ह, उ चीन्हलो से मना कर…

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मानवाधिकार मने रक्षा कवच बाक़िर केकर ….?

का जमाना आ गयो भाया, जेहर देखा ओहरे नटई फ़ारत कुछ लोग देखाइये जा तारन। माने भा मतलब कुछों होखे उनुका चिचिअइले से फुरसत नइखे लेवे के। सभे के आपन-आपन हित बाटे, केकरो अपना दोकनियों के चिंता करे के बा, त केकरो अपना जेब के चिंता बाटे। तनि हई न देखा, सभेले बेसी उहे नरियात देखात ह जेकर ई कुल्हि कइल-धइल बाटे।उनही के आंटा, उनही के घीव, कमरी ओढ़ि के झींक के पियतो बाड़ें आ दोष तवन दोसरा के लगावत बाड़े। आ क़हत का बाड़े कि इनका वोजह से हमरा…

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दामोदराचारी मिश्रा के अनूदित कइल भोजपुरी कविता

एमाण्डा लवलेस अमरीकी महिला कवयित्री हई। इनकरा गुडरिड्स पोएट ऑफ द ईयर खातिर नामित कईल गईल रहे। ईहाँ के वूमेन आर सम काइंड ऑफ मैजिक सीरीज के लेखिका हइ। एमाण्डा के कुछ कविता के भोजपुरी अनुवाद उपलब्ध बा। मूल कविता के हिंदी में अनुवाद राजेश  चन्द्र के बाटे। श्री राजेश चन्द्र के हिंदी अनुवाद से एकरा के भोजपुरी में कईल बा – अनुवादक 1. हमार बाउर सपना ____ हमरा डर ना लागेला वोह दानवन से जवन लुकाईल रहेलन स नीचे हमरा बिछवना के सबसे बेसी डर लागेला हमरा लइकन से…

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एगो चिरैयाँ

एगो चिरैयाँ कतिना उचैंयाँ उड़ि गैल रे अङ्गना ओसरवा मुँडेरवा सूने बखरी के जोगछेम अब कौनि गूने झिलमिल अँखियाँ सोनल पँखियाँ टूटि गैल रे बदइल दुनिया के गजबे आवाजे फूटति किरिनिया के सुर कौनि साजे निठुर अहेरिया लागलि डिठरिया परा गैल रे #सुखमा-सुराज# दिनेश पाण्डेय

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ग़ज़ल

चलीं जी आजु में एक बे फेर से जिअल जाव। मिलल बा जवने जिनिगी मज़ा खुब लिहल जाव। मिली का दोसरा से आपन दुख दरद बता के, दरद के जाम बना के आईं घट घट पिअल जाव। बेयार ओरिये बहि के लय में लय मिला लीं जा, उल्टा चलि के सभका से मत दुशमनी लिहल जाव। दोसरा के फाटला फुटला से हमनीं के का मतबल जुगाड़ क के आपन फाटल कसहुँ सिअल जाव। मुड़ी ममोरि के चाहे शरम के खोरि के धरीं, दान पुन क के हँसी खुशी लोग से…

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कल्लू क रिजल्ट

इम्तिहान हो गईल ख़तम त कल्लू बँधलेन आस हे भगवान चढ़इबे लड्डू बस करवा द पास रहल परीक्षा इंटर वाला टेंशन बहुत दिहेस गुलछर्रा के संगे कल्लुआ मेहनत बहुत किहेस नक़ल करावे खातिर चच्चा पूरा जोर लगइलेन पर कल्लू क बुद्धि अइसेन नक़ल मारि ना पइलेन चच्चा अउर मास्टर दूनो कइलेन बहुत प्रयास | पढ़ै-लिखै के नाही कुच्छो दिन भर खेले गोली खाली कापी भरअ लिखावत बाटै ओकर टोली सब पेपर बा राम भरोसे रामअ पार लगइहन जल्दी पता चली की केतना नंबर लेके अइहन नंबर के बारे में सोचतअ…

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