शिवनंदन कवि आ उनकर दूगो गीत

भोजपुर के बड़हरा ब्लॉक में एगो गाँव बा मौजमपुर। एहिजा के रहलें एगो शिवनंदन कवि। उनकर एगो कविता बा जवना में पत्थल-पानी परला के चलते छान्ह-छप्पर आ रब्बी के फसल के भारी बरबादी के वर्णन बा। ई घटना 1941 के ह। कवि एह गीत में एकतालीस के जिकिरो कइले बा। एह गीत में घटना के साल के संगे-संगे कवि के नाव- गाँव के भी जिकिर बा। आ अतने ले ना, कवि ‘आत्म-छवि’ (आपन रंग-रूप) के भी उल्लेख कइले बा, आपन मजाक उड़ावे के शैली में। छान्ही प के खपड़ा-नरिया सब…

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