आयल जगावे फगुनवा

जागा जवान अरे जागा किसान आयल जगावे फगुनवा, रंग बिरंगा है नेहिया के बान आयल जगावे फगुनवा। सुगना जगावे कोयलिया जगावे गेहुंआ के बाली पे नाच दिखावे, भौरा जगावे ला गावे हो गान आयल जगावे फगुनवा।   वीरों का मौसम है, वीरों का चोला, देखि वसन्ती जिया मोरा डोला। जय बोला जवान, जय बोला किसान, आयल जगावे फगुनवा। जागा जवान अरे जागा किसान आयल जगावे फगुनवा। रंग बिरंगा है नेहिया के बान आयल जगावे फगुनवा।   उमाशंकर शुक्ल दर्पण ग्राम -पोस्ट पक्खनपुर बिछैला जिला अम्बेडकरनगर, उत्तरप्रदेश पिन 224125 दूरभाष 8882168961

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हे चच्चा चुपचाप रहा

हे चच्चा  चुपचाप रहा बहुत किहा मनमानी में, अबकी बेरिया तोहार भतीजा, खड़ा होई परधानी में।   चौराहे पे कम जाल करा, दोहरा गुटखा कम खाल करा, भरि -भरि गाल फुलैले बाट्या पहिले ऐके साफ करा। हम्मै हरदम हुरपेटै ला चाची से कहब दलानी में, हे चच्चा चुपचाप रहा बहुत किहा  मनमानी में।   गांव कै छोटका बड़का सब, सबके सब भैवद्दी बा, नहरी पे सब हमरे संगे खेलले झाबर कबड्डी बा, गांव कै नैकी दुलहिन के भौजी कहिके गोहराईला, आशीष मिली खुब गहबर हमके झुकि _झुकि अंगुरी सोहराईला, गाल…

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