जँतसार (पारम्परिक)

नीची रे कुइयवाँ के ऊंची रे जगतिया ए राम ए रामा पनिया जे भरेली बराम्हनी ए राम घोड़वा चढ़ल अइलें जयसिंह रजवा ए राम ए रामा तनिए सा पनिया पियादा ए राम कइसे मैं पनिया पियाई जयसिंह रजवा ए राम ए रामा जतिया के बानी हम जोलाहीन ए राम जोलहीन जोलहीन मती करा बराम्हनी ए राम ए रामा नकिया में सोभेला बुलकिया ए राम । झर रे झरोखा चढ़ी बियही निरेखे ए राम ए राम जस पियवा सवती ले अइलें ए राम ए राम जस पियवा उढ़री ले अइलें ए…

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