हे चच्चा चुपचाप रहा बहुत किहा मनमानी में, अबकी बेरिया तोहार भतीजा, खड़ा होई परधानी में। चौराहे पे कम जाल करा, दोहरा गुटखा कम खाल करा, भरि -भरि गाल फुलैले बाट्या पहिले ऐके साफ करा। हम्मै हरदम हुरपेटै ला चाची से कहब दलानी में, हे चच्चा चुपचाप रहा बहुत किहा मनमानी में। गांव कै छोटका बड़का सब, सबके सब भैवद्दी बा, नहरी पे सब हमरे संगे खेलले झाबर कबड्डी बा, गांव कै नैकी दुलहिन के भौजी कहिके गोहराईला, आशीष मिली खुब गहबर हमके झुकि _झुकि अंगुरी सोहराईला, गाल…
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