हे चच्चा चुपचाप रहा
बहुत किहा मनमानी में,
अबकी बेरिया तोहार भतीजा,
खड़ा होई परधानी में।
चौराहे पे कम जाल करा,
दोहरा गुटखा कम खाल करा,
भरि -भरि गाल फुलैले बाट्या
पहिले ऐके साफ करा।
हम्मै हरदम हुरपेटै ला
चाची से कहब दलानी में,
हे चच्चा चुपचाप रहा
बहुत किहा मनमानी में।
गांव कै छोटका बड़का सब,
सबके सब भैवद्दी बा,
नहरी पे सब हमरे संगे
खेलले झाबर कबड्डी बा,
गांव कै नैकी दुलहिन के
भौजी कहिके गोहराईला,
आशीष मिली खुब गहबर हमके
झुकि _झुकि अंगुरी सोहराईला,
गाल चिकोटि के देवरू हमके
कहैनी मिठकी बानी में,
हे चच्चा चुपचाप रहा
बहुत किहा मनमानी में।
पूरब टोला से पच्छू तक
सबकर नाम हम जानी ला,
जहै से नेवता मिल जाला,
भौंरी औ चोखा खाईला।
बाबा -अईया काका- काकी संग
हसि -हसि के हम बतियाईला,
नेहिया के भंडार बसत है
ओनके ओसारे छान्ही में,
हे चच्चा चुपचाप रहा
बहुत किहा मनमानी में।
हे चच्चा चुपचाप रहा
गांव के हम विकास करब
अन्हियारें में परकास करब,
जेहर कब्भौ न काम भईल
उहां कामे कै बरसात करब,
न केहू से सिकाईत चाचा
न झगड़ा करब नादानी में,
हे चच्चा चुपचाप रहा
बहुत किहा मनमानी में।
हमरे कामे में न टांग अड़ाया
न मरिहा कौनो फंदा चच्चा,
हमहू पढ़ले लिखले बाटी
हम अनपढ़ नाही बंदा चच्चा।
सज्जन के संग सज्जन हम रहबै,
शैतानन संग शैतानी में।
हे चच्चा चुपचाप रहा
बहुत किहा मनमानी में।
चकरोड सड़क सब सुन्नर होई
फुलवारी में हा महकी,
पेड़ लगी हर जगह हो चच्चा
फरी फुलाई औ गमकी।
न करी केहू कै क्यो कब्जा
फरजी वसीयत बेईमानी में।
हे चच्चा चुपचाप रहा
बहुत किहा मनमानी में,
अब की बेरिया तोहार भतीजा
खड़ा होई परधानी में।
- उमाशंकर शुक्ल दर्पण
ग्राम पोस्ट ,पक्खनपुर विछैला,
जिला अम्बेडकरनगर नगर ,उत्तर प्रदेश। पिन 224125
दूरभाष 8882168961