एगो चिरैयाँ

एगो चिरैयाँ कतिना उचैंयाँ उड़ि गैल रे अङ्गना ओसरवा मुँडेरवा सूने बखरी के जोगछेम अब कौनि गूने झिलमिल अँखियाँ सोनल पँखियाँ टूटि गैल रे बदइल दुनिया के गजबे आवाजे फूटति किरिनिया के सुर कौनि साजे निठुर अहेरिया लागलि डिठरिया परा गैल रे #सुखमा-सुराज# दिनेश पाण्डेय

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तहार सुधिया

आज कँगना खनका गइल,तहार सुधिया। मन के तार झनका गइल,तहार सुधिया॥   बहि रहल लोर संग नेह क खजाना बदरी बनल बा अंजोरिया के बहाना कान करकत झुमका भइल,तहार सुधिया॥ मन के तार झनका—–   एने-ओने हेरत मोहनी सुरतिया मनवाँ बसल बाटे रउरी मुरतिया अबकी बेर तिनका भइल,तहार सुधिया॥ मन के तार झनका—–   सपने में आइल रहल काँच निनियाँ अलसाइल लागल प्रेम के किरिनियाँ गरे लिपटी मनका भइल,तहार सुधिया॥ मन के तार झनका—–     जयशंकर प्रसाद द्विवेदी  

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जय शिव शंकर

बसहा बैलवा के शिव क के सवारी, तिहुँ लोक भ्रमण भोला करेले त्रिपुरारि।   औघड़ दानी हउँए सभका से उ निराला, जटा में गंगा मइया गरवा में सर्प माला। कष्ट मिटावे सभकर हउँए उ पापsहारी… तिहुँ लोक भ्रमण भोला करेले त्रिपुरारी।   क्षण में बना उ देले क्षण में बिगाड़ देले, खुश होले जब भोला सभ कुछ भर देले। धन दौलत सुख शांति देले घरs अटारी… तिहुँ लोक भ्रमण भोला करेले त्रिपुरारी।   कुपित होले जब उ खोलेले तीसरा अखियाँ, काँपे लागेला सभे केहूँ नाही पारे झकियाँ। मातल रहेले खाके…

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भोजपुरी साहित्य उत्सव मे भोजपुरी साहित्य सरिता के विशेषांक क विमोचन भइल

भोजपुरी असोशिएशन ऑफ इंडिया’ (भाई) दिल्ली चैप्टर के संगे मैथिली भोजपुरी अकादमी, दिल्ली सरकार आउर  मंगलायतन यूनिवर्सिटी के साझा  प्रयास से राजधानी में ‘भोजपुरी लिटरेचर फेस्टिवल 2018’ के  आयोजन, हिन्दी भवन दिल्ली में भइल। उद्घाटन सत्र में वरिष्ठ पत्रकार ओंकारेश्वर पाण्डेय, विश्व भोजपुरी सम्मेलन के अध्यक्ष अजीत दुबे, संपादक प्रमोद कुमार, अभिनेता सत्यकाम आनंद दीप प्रज्ज्वलन कइलें आउर  आपन-आपन विचार रखलें ।एह मोका पर ‘भोजपुरी असोशिएशन ऑफ इंडिया, दिल्ली चैप्टर के समन्वयक जलज कुमार अनुपम‌ एह फेस्टिवल‌ के उदेश्य ‘भोजपुरी भाषा के गौरवशाली इतिहास से नयी पीढ़ी के  रुबरु करावल…

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‘भोजपुरी साहित्य सरिता’ के अगस्त अंक के लोकार्पण

दिनांक 5 अगस्त, माने अतवार के हर्फ़ मीडिया प्रा लिमिटेड के आयोजन ओपन माइक के कार्यक्रम में ‘भोजपुरी साहित्य सरिता‘ के अगस्त अंक के लोकार्पण वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. अशोक लव के हाथे भइल। भोजपुरी साहित्य सरिता‘ के अगस्त अंक के लोकार्पण वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. अशोक लव जी पत्रिका टीम के ओकरा निरंतरता, प्रस्तुति आ सामग्री खातिर बधाई देहवीं। ऊंहा के समय पर प्रकाशित रूप में सामने लावे ला हर्फ़ मीडिया के विशेष धन्यवाद देहवीं। लोकार्पण के विशेष अवसर के बेरा पत्रिका के भोजपुरी साहित्य सरिता‘ के अगस्त अंक के लोकार्पण…

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बोलला में दोष बा

मत बोल ए बाबू बोलला में दोष बा आजुकल के लइकन में नवा जोश बा ||   फरले बा मांग बिचे  ही चनियां पहिनेला बाली पहिनी नथुनिया बढ़वाले बाल मुड़ववले मोछ बा ||   करे ला श्रृंगार जस नाच के नचनिया साजन का बनी लागत बा  सजनियाँ घरवा में शेर बाहर पालतू खरगोस बा ||   घर के घोटाय ना खाला बजारू दूध दही अटकेला रोज पीये दारु चढ़वाले बा गांजा नशा में मदहोस  बा ||   शराफत से बा दूर जबान पर बा गारी बिगरल ढंग ढेवार , दुखी…

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