भोजपुरी साहित्य,कला आ संस्कृति के प्रमुख विभूतियन से अवगत करावत अनुपम ग्रंथ- ‘ भोजपुरी प्रतिभाएँ ‘

भोजपुरी क्षेत्र के इतिहास के व्यापक आ गहिराह अध्ययन के खातिर इहवाँ के  सामाजिक, सांस्कृतिक आ साहित्यिक प्रतिभा के धनी व्यक्तित्वन के कृतित्व से अवगत होखल बहुते जरूरी बा।एह सारस्वत अभियान में बिहार आ उत्तर प्रदेश से इतर मध्यप्रदेश राज्य से अगर कवनों सांस्थानिक प्रयत्न होता त ई स्वागत योग्य त बड़ले बा, प्रेरणास्पदो बा।

भोजपुरी साहित्य अकादमी ,मध्यप्रदेश संस्कृति परिषद् ,भोपाल से प्रकाशित भाषा-साहित्य, कला-संस्कृति आ राजनीतिक आ सामाजिक पुरोधा लोगन पर केन्द्रित ग्रंथ-‘भोजपुरी प्रतिभाएँ ‘- भोजपुरी साहित्य के खातिर एह बरीस के सभेले महत्वपूर्ण आ ऐतिहासिक उपलब्धि बा। एकर संपादन भोजपुरी के वरिष्ठ साहित्यकार डा.ब्रजभूषण मिश्र जी कइले बानी।

‘भोजपुरी प्रतिभाएँ ‘ नामक ग्रंथ में भोजपुरी क्षेत्र के भाषा,साहित्य, कला-संस्कृति आ सामाजिक क्षेत्र के  प्रेरित-प्रभावित करे वाली 130 महत्वपूर्ण दिवंगत प्रतिभन के जीवन-कर्म पर प्रकाश डालल गइल बा। एह  आलेखन के कुल 40 लब्धप्रतिष्ठ लेखक लोग मिल के तइयार कइले बाड़ें। पूरा ग्रंथ 22 उपखंडन में बँटल बाटे। पहिलके उपखंड में ‘भाषा शास्त्री और वैयाकरण’ में डा.ग्रियर्सन,डा.उदयनारायण तिवारी जइसन भाषाशास्त्रियन आ व्याकरण शास्त्र के विद्वानन पर आलेख बाटे त  ‘अन्वेषी ,संग्रहकर्ता,इतिहासकार, कोशकार’ उपखंड में गणेश चौबे,हवलदार त्रिपाठी’सहृदय’ ,चौधरी कन्हैया प्रसाद सिंह जइसन  विभूतियन पर सारगर्भित विवेचन प्रस्तुत कइल गइल बा। तीसरके उपखंड में ‘लोक साहित्य, लोकवार्ता और लोक संस्कृति संग्राहक एवं विमर्शक’ में कृष्ण देव उपाध्याय, श्रीधर मिश्र, रसिक बिहारी ओझा ‘निर्भीक’,परमेश्वर शाहाबादी आदि पर लेख बाटे, जबकि ‘संत मत के विभिन्न संप्रदाय और उसके प्रवर्तक’ उपखंड में गोरखनाथ, कबीर, दरिया साहब,धरनी दास,लक्ष्मी सखी जइसन संत कवि-प्रतिभन के वर्णन बाटे। ‘लोक विधा के पुरोधा व्यक्तित्व’ शीर्षक उपखंड महेन्दर मिसिर, बिसराम,भिखारी ठाकुर, मास्टर अजीज जइसन प्रतिभन के अवदान से परिचित करावल गइल बा। ‘राष्ट्रभक्ति,स्वतंत्रता आन्दोलन और वीर भाव के कवियों’ शीर्षक उपखंड में बाबू रघुवीर नारायण, प्राचार्य मनोरंजन, प्रसिद्ध नारायण सिंह, गुंजेश्वरी मिश्र ‘सुयश’ जइसन कवि लोगन के कवितन पर विचार भइल बाटे ,त नाटक विषयक उपखंड में राहुल सांकृत्यायन आ रामेश्वर सिंह काश्यप जइसन  महान विभूतियन पर निबंध संकलित बाटे। प्रगतिशील और दलित काव्य चेतना के कवियों वाले अध्याय में महेन्द्र शास्त्री,रामदेव द्विवेदी अलमस्त, सिपाही सिंह श्रीमंत, रामजी सिंह मुखिया ,गोरख पांडेय, महेन्द्र गोस्वामी जइसन कवियन के  कवितन के प्रगतिशील चेतना विश्लेषित बा त राजनीतिक-सामाजिक क्षेत्र व कृषक आंदोलन से जुड़े पुरोधन का रूप में डा.राजेन्द्र प्रसाद, राजकुमार शुक्ल,स्वामी सहजानंद सरस्वती ,जगजीवन राम प्रभृति व्यक्तित्वन  के अवदान के मूल्यांकन भइल बा। हास्य-व्यंग्य कवियन से जुड़ल उपखंड में धरीक्षण मिश्र, मुँहदुब्बर जी, विचित्र जी , कैलाश गौतम जी जइसन कवियन के कवितन के मारक धार पर विचार भइल बाटे त पत्रकारिता से जुड़ल उपखंड में रघुवंश नारायण सिंह, नर्मदेश्वर सहाय,राधेश जी ,कपिल जी ,विजयानंद तिवारी आ पशुपतिनाथ सिंह जइसन  संपादक लोगन  पर चर्चा भइल बाटे। प्रबंध काव्य उपखंड हरेंद्र देव नारायण, चंद्रशेखर मिश्र,दंडीस्वामी विमलानंद सरस्वती,अविनाशचंद्र विद्यार्थी,कुंज बिहारी कुंदन आदि महाकवियन के कृतियन पर केन्द्रित बा त तेरहवाँ उपखंड लोक संवेदना से जुड़ल रामविचार पांडेय, शैदा जी,भोलानाथ गहमरी,अनिरुद्ध, उमाकांत वर्मा,सतीश्वर सहाय वर्मा ‘सतीश’,अशांत जी,हरिराम द्विवेदी जी आदि के काव्य-प्रतिभा के रूपायित करत बा। नई कविता,गजल व नवगीत उपखंड पाठकों के समक्ष जितराम पाठक, शारदानंद प्रसाद, जगन्नाथ जी,ब्रजकिशोर जी,बरमेश्वर सिंह, आनंद संधिदूत आदि के कवितन के आधुनिकता-बोध से अवगत करावत बा त लोकगायन से जुड़ल खंड में विंध्यवासिनी देवी,मैनावती देवी ‘मैना’,संतराज सिंह ‘रागेश’ ,मोहम्मद खलील जइसन लोकगायकन के गायकी विवेचित भइल बाटे।

एह पुस्तक में भोजपुरी फिल्मी हस्तियों -मोती बी.ए, नाजिर हुसैन, चित्रगुप्त, शैलेन्द्र, ब्रजकिशोर दूबे के साथ-साथ नेपाल के दो भोजपुरी उन्नायकों-दीप नारायण मिश्र एवं उमाशंकर द्विवेदी ‘दधीचि’ के व्यक्तित्व-कृतित्व को भी वर्णित कइल गइल बा। भोजपुरी कहानी आ उपन्यास जगत के बहुचर्चित कथाकारों -राधिका देवी श्रीवास्तव, ईश्वर चंद्र सिन्हा,गिरिजाशंकर ‘गिरिजेश’ ,कृष्णानंद कृष्ण,रामनाथ पांडेय, गणेशदत्त किरण,पांडेय जगन्नाथ प्रसाद सिंह आदि के कथा-संसार पर इस ग्रंथ के आलेख बहुते  महत्वपूर्ण बनल बा। निबंध-आलोचना-जीवनी -संस्मरण आदि विधाओं के प्रमुख लेखकों -कमला प्रसाद मिश्र ‘विप्र’ ,महेश्वराचार्य,संत कुमार वर्मा,अक्षयवर दीक्षित, कुलदीप नारायण ‘झड़प’ ,अनिल कुमार ‘आंजनेय ‘,हरिकिशोर पांडेय आदि के अतिरिक्त कथेतर गद्य में विवेकी राय,बेसुध जी,हरिशंकर वर्मा ,प्रभुनाथ सिंह प्रभृति रचनाकारन के साहित्यिक व्यक्तित्व के महनीयता के  प्रस्तुत कइल गइल बा।’विविध’ नामक आखिरी उपखंडो में कई गो महत्वपूर्ण साहित्यकारन ,यथा-दूधनाथ शर्मा ‘श्याम’, श्रद्धानंद अवधूत ,रामजियावन ‘बावला’ ,राधामोहन चौबे ‘अंजन’,कवि गँवार तथा सुभद्रा ‘वीरेन्द्र ‘ आदि के साहित्यिक कृतित्व के समीचीन व्याख्या भइल बाटे।

एह पुस्तक में जवने लेखक लोगन के आलेख शामिल बा,ओहमें प्रमुख बाड़ें-डॉ.ब्रजभूषण मिश्र,श्री भगवती प्रसाद द्विवेदी,प्रो.जयकांत सिंह ,श्री जितेन्द्र कुमार, डा.रंजन विकास,डॉ.सुनील कुमार पाठक, डा.विष्णुदेव तिवारी,डा.प्रमोद कुमार तिवारी,डॉ.संध्या सिन्हा,डॉ.विनय कुमार सिंह, श्री मनोज भावुक, श्री दिव्येन्दु त्रिपाठी,डॉ.रवीन्द्र कुमार ‘रवि’,डॉ.कुमार विरल, डॉ.संजय पंकज,डॉ.संजय कुमार यादव,श्री सुरेश काँटक, आचार्य हरेराम त्रिपाठी चेतन, डॉ.हरेराम पाठक, डॉ.श्रीपति कुमार यादव, डॉ.जनार्दन राय श्री केशव मोहन पांडेय, श्री सरोज त्यागी,श्री सुभाष चंद्र यादव,डॉ.गजाधर शर्मा गंगेश ,डा.आद्या प्र.द्विवेदी,श्री मार्कण्डेय शारदीय,श्री जयशंकर प्रसाद द्विवेदी,डॉ.ज्योत्सना प्रसाद, श्री उदय नारायण सिंह, डॉ.कमलेश राय, श्री रामबहादुर राय,श्री शिवानुग्रह सिंह, श्री सर्वेश तिवारी श्रीमुख,प्रो.रामदरश राय,डॉ.कुमार मृत्युंजय राकेश ,श्री अजय कुमार तिवारी आदि।

भोजपुरी के शताधिक महत्वपूर्ण विभूतियन पर एक जगह इतनी पर्याप्त विषय-सामग्री उपलब्ध भइला से भोजपुरी साहित्य के शोधार्थियन ,विद्यार्थियन ,सहृदय पाठक लोगन के काफी मदद मिली। 604 पृष्ठ के एह ग्रंथ के खातिर संबंधित विषय में अभिरुचि राखे वाले रचनाकारन से आलेख प्राप्त कर उन्हें सुसंपादित कके डॉ.ब्रजभूषण मिश्र जो एगो  अत्यंत उपयोगी आ सार्थक सारस्वत काज कइले बाड़ें। मध्यप्रदेश शासन के एह ग्रंथ के प्रकाशन का बाद अब एकरा सशुल्क विक्रय-वितरण का दायित्व आमेजन/फ्लिपकार्ड आदि विक्रय एजेन्सियन का जरिए सुनिश्चित करावे के चाही जवना से भोजपुरी साहित्य,कला आ संस्कृति आदि से जुड़ल विषयन के प्रेमी पाठक एह कृति से लाभ मिले।एह पुस्तक के बहुते सारगर्भित भूमिका संपादक ब्रजभूषण जी लिखले बाड़ें जवना से भोजपुरी भाषा ,साहित्य, समाज आ ओकरे सांस्कृतिक समृद्धि के यथेष्ट ज्ञान मिल जात बाटे।

□डॉ.सुनील कुमार पाठक

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पुस्तक का नाम -‘भोजपुरी प्रतिभाएँ’

सम्पादक:डा.ब्रजभूषण मिश्र

प्रकाशक-भोजपुरी साहित्य अकादमी ,मध्यप्रदेश संस्कृति परिषद् ,भोपाल

मूल्य-अवर्णित।

प्रकाशन -2025

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