तनी बरिस$ ना

तनी बरिस$ ना बदरा कचरि के. गरमी डललसि बेमार, हो के बहुते लाचार, करीं तहसे गोहार हम लचरि के. तनी बरिस$ ना बदरा कचरि के. अउसत बा, रात – दिन छूटे पसेना सूखे ना, केतनो हँउकला से बेना धरती भइली अंगार, जरे अंगना दुआर, जान मारत हमार बा जकड़ि के. तनी बरिस$ ना बदरा कचरि के. तनिको सहाता ना तन पर के सारी दहि जाला बिंदिया का रूपवा सँवारीं क द$ अइसन बौछार, भरि जा नदिया ईनार, लोगवा जा ओह पार सब पँवड़ि के. तनी बरिस$ ना बदरा कचरि के.…

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