गंगा महिमा

गंगा के महिमा दुनिया में, सबसे बड़ा अनमोल हगंगा में जे डूबकी लगावे,पाप ओकर सब गोल हगंगा के महिमा…….. मोक्ष देवे के खातिर गंगा, लेले  बारी अवतारपर परदूषण से दुखी बारी, देख तनी विचारअमरित जस गंगा जल में,कचरा के मिलत घोल हगंगा के महिमा…….. धरती पर जब अइली मईया,मोक्ष के खुलल दुआरभागिरथ के सब पुरखन के, तब रहे भइल उद्धारगंगा के जे मईया ना बुझे, बुझ उ बकलोल हगंगा के महिमा…….. रीति रिवाज के नाम पे गंगा, मैली हो गइल बारीआज बाट जोहत बारी लाल के,आके हमके संवारीभागिरथ फेर से आव धरा पर,मईया…

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लोक संस्कृति के अजब नजीर – जबरी पहुना भइल जिनगी

भोजपुरी भाषा आज देश दुनिया में आपन परचम लहरावे मे काफी आगे बा। एह करी में रोज नया-नया लेखक लोग के कविता आ कहानी के संकलन खूब बाजार में पाठक खातिर आवता। हाल फिलहाल में भोजपुरी के लेखक मंच पर एगो नया नाम उभरल ह जोकर नाम ह- जे.पी. दिवेदी। दिवेदी जी के ई खासियत बा कि उहां के ठेठ भोजपुरी में ही कविता आ कहानी लिखेनी।इनकर पिछला साल एगो कवित संगरह पीपर के पतई आइल रहे ओकरा बाद एह साल के शुरु में आइल ह- जबरी पहुना भइल जिनगी।ई…

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