” शिक्षक दिवस” आ हम शिक्षक

जब से कुछ टेवलगर भइनीं आ इस्कूल में पहुँचावल गइनीं तबे से ०५ सितम्बर के ‘ शिक्षक दिवस ‘ मनावे के बात भुलाये ना। हमार गाँवो किसान, सैनिक जवान आ सही में देखीं त शिक्षके के गाँव ह। घर पीछु एगो-दूगो शिक्षक जरूरे मिल जइहें। जब हमरा के सन् १९७३-७४ ई. के गाँव के इस्कूल में पहुँचावल गइल तवने घरी हमरा घर में बाबूजी, चाचा लोग आ भइया के मिला के चार जने शिक्षक रहलें। गाँव में प्राइमरी इस्कूल त सन् १९२४-२५ ई. का पहिलहीं से रहे जवन देस के…

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