गीत

सुना ए!  बाबू भइय्या, सुनी न  काकी  महतारी जग में फइलल बाटे, कोरोना के देखीं महामारी     सर्दी जुखाम फीवर,  बाटे एकर लच्छन गरवा में चुभे बहुत,  दम फूले  छन छन छुवला से फइलत बाटे, अइसन बीमारी जग में फइलल………….     कउनो इलाज नइखे,  ना कारगर दवाई जेके लग जाई भइय्या, बचहु  नऽ  पाई घरवे में दुबकल रहीं, जान  जदि प्यारी जग में फइलल………     सारा जग लाचार भइल, डरे लोग, लोग से जाने कतना जान गइल, कॅरोना के रोग से सोची  डरे  सभै  इहे,  अगला केकर बारी…

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