बुझाता जे फेरु फगुआ लौटि आई

कई साल बाद असो हम फगुआ के गाँवे गइल रहनी | पहिले हम भरसक हर साल गाँवे जात रहीं, फगुआ के बेरि | कवनवे कवनो साल बीतत होई कि फगुआ में हम गाँव पर ना पहुँचल होखीं| साँच पूछीं त शहर के फगुआ हमरा कबहुँ ना भावल | बाकि घर-गृहस्थी के जंजाल, नौकरी के बोझ आ कुछ आपन बाझ, जेकरा चलते फगुआ में कई साल हम गाँवे ना जा सकनी | अबकी पता ना काहें, गाँव बडा़ उदास लागल | सऊँसे वातावरण नीरस, सुखल लागल | बहरवाँसु लोग में भी…

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अन्हरा बिना रहियो न जाय

” राउर मती मारल गइल बा ए अम्मा जी कि अइसन अछरंग बाबू जी प लगावत हईं।बतायीं इहो कवनो उमर-समय ह ई कुल करे क ?” अम्मा जी के चारो ओरी ले डाँट -फटकार पड़त रहे बाकिर ऊ मानत ना रहलीं एक्के बतिया फेंटे कि बुढ़वा कमकरिनिया से फँसल ह।पहिले-पहिल इ भेद ऊ अपने बिटिया से कहलीं अउर धिरवलीं कि केहू से कहिहा जन।बिटिया त केहू से ना कहलीं बाकिर बूढ़ा अपनहीं सबसे कह घललीं।गाँव भर में ई बात फइल गइल कि बाबू साहब कमकरिन से फँसल हउवन।जे सुने उहे…

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जमीन

जमीनो के आपन भागी होला। कवनो जमीन पर बड़का कोठी खड़ा होके जमीन के ऐश्वर्य के कहानी बतावेला त कवनो जमीन पर छानियो न पड़ पावेला अउरी उ जमीन अपना दुर्भाग्य पर लोर चुवावेला। कवनो जमीन पर फसल लहलहात रहेला त कवनो बंजर बन के ताउम्र कुजात जईसन छटूवा पड़ल रहेला। लेकिन सब गुण दोष के बादो अगर ऐ धरती पर कुछ स्थायी बा, शास्वत बा त उ जमीने बा। आ पता ना ऐ जमीन में ई कयीसन आकर्षण बा कि एकर मोह जियत आदमी से न छूट पावेला। लोभ…

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भकजोन्ही

बइठाका के इज्जत बहारन में ना फेंकाव, से सुँघनी लाल दिन-रात घर के मान बढ़ावे खातिर तेलोबेल कऽ लेलन। उनका घर में उनकर धरमपत्नी जी तनके साथे बेटा सुरुज आ बेटी सरोजो बाड़ी। लाला बड़ा तेज हवें। जब कहीं परिवार नियोजन के चर्चो सुने के ना मिलत रहे, तब्बे ऊ अपने परिवार के संख्या पर ब्रेक लगा दिहलें। सुरुज त सोंझ सड़की के सीधवा मुसाफिर हवें। ना नौ जानेलन, ना छव। एक बेर त ईऽ कहल जा सकल जाता कि उनके देंह बाप के गुन से कम आ महतारी के…

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बड़की माई

ए बबुआ काल्ह जवन बाजारी से चीनी ले आइल रहस नु ओहमें हतना कम बा , बड़की माई तपेसर के हाथ में एगो झिटिका पकड़ा के कहली । बड़की माई त का सोचतारू हम चिनिया खा गइल बानी , अरे ना रे मटिलागाना बनिया नु डंडी मरले बा जाके ओकरा से देखइहे आगे से बरोबर दीही। आ फिर ओसहीं हो जाई त का करबु । ना नु होई ओकरा से लेबे से पहिले इयाद दिला दिहे कि पिछला बेर कम देले रह एह बेर ठीक से जोखिह । फिर दोसरा…

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