गाजियाबाद के भोजपुरी साहित्यकार के मिलल पं धरीक्षण मिश्र साहित्य सम्मान

गाजियाबाद के सुप्रसिद्ध भोजपुरी कवि जयशंकर प्रसाद द्विवेदी के उनुका पहिलका भोजपुरी कविता संग्रह ‘पीपर के पतई’ खातिर सर्वभाषा ट्रस्ट का ओरी से पं धरीक्षण मिश्र साहित्य सम्मान से नवाजल गइल। उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिला जवन भगवान बुद्ध के परिनिर्वाण स्थली का रूप मे जानल जाला, उहवें गत 23 मार्च के सर्व भाषा ट्रस्ट, ‘जर्नलिस्ट्स वेलफेयर ऑर्गेनाइजेशन’ आउर ‘नवप्रभा मंच’ के संगे भगवान बुद्ध के परिनिर्वाण स्थली, अज्ञेय के जन्म-स्थली, कुशीनगर में ‘पं. धरीक्षण मिश्र साहित्य सम्मान 2018’ के आयोजन भइल रहे। ओही समारोह में ई सम्मान विधायक रजनीकान्त…

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शेष भगवान जाने ——-!!

का जमाना आ गयो भाया, टँगरी खींचे के फेरा में ढेर लोग अझुराइल बाड़ें। उहो काहें बदे, एकर पता नइखे, बस खींचे के बा, सरेखल बा लोग आ आँख मून के खींच रहल बा। आगु चलिके एकर का फायदा भा नोकसान होखी, एकरा ला सोच नइखे पावत। आला कमान के कहनाम बा, सेकुलर दादा कहले बाड़ें, एही सब के चलते हो रहल बा। अब भलही टँगरी खींचे के फेरा मे खुदे गड़हा गिर के कनई मे लसराए के परत होखे। ओहमे कवन सुख मिल रहल बा भा आगु मिली,पता नइखे।…

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