शक्ति के ही त नाम नारी ह

ई धरती पर सब इन्सान चाहे पुरुष होखे चाहे ऊ महिला होखे आपन जन्म के अधिकार के साथ अपना के विकास करे के चाहे आपन सपना पूरा करे के सबके बराबर के समानधिकार त होए के ही चाही पर 21वी शताब्दी जहवा इन्सान चाँद पर पर पहुंच गईल बा है बकिये औरत के प्रति सोच समाज के आजो संक़ीर्ण बा ।आजो ई पुरुष प्रधान समाज में नारी के साथ ओकर लौगिंक आधार पर भेद..भाव करल जायें ला औउरी ओकरा के शारीरिक रुप से कमजोर समझ के हेय दृष्टि से देखल…

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छठी मईया गीत

छठी मईया सुनलिहीई अरजियाआऽऽ, करतनी निहोरा बारम्बार! केकरा से कहिई ऐ माई होऽऽ आपन करेजवा के दुःखवाऽऽ , तूहे त माई हऊ हमार !   रउवा द्वारे खड़ा बिया एगो बाझिन , खोली देहूँ न केवार ! देही दीही न एगो हमरो के लड्डु गोपाल होऽऽ हरीअर होजाईई कोखऽ हमार !   देखी ऐ छठी मईया तनवा मारी ..मारी , हमरा पे ई हँसेलाआऽ ई जग संसार ! सुनाऽऽ बांटे हमार अंगनाऽऽ सुखल बा अँचराआऽऽ , माई हमरो के कोई कहे , किलकारी से गूंजे हमरो दुवार !   हमहुं…

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अपनो हँसी

एगो गाँव में एगो बहुते पहुंचल साधु महाराज जी पधरलन । गाँव के सब लोग उनकरा के आपन आपन दुखरा सुनाए खातिन पहुंच गइल । कोई कहे बाबा जी हमर बेटवा के अइसने आशीर्वाद दिहि की हमार बेटा के सरकारी नौकरी लाग जाए ! कोई कहे महात्मा जी अइसन हमारा के आशीर्वाद दी ही की हमर घर में खाली पोता के ही किलकारी गूंजे । एगो बड़ी कमजोर बिमारी आह आदमी बाबा जी के पास आपन दुःखरा लेकर आइल कि बाबा जी हम त संयमित जीवन बितावइला फिरो रोगिए बानी…

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