सुगना

जब से घरवा से गइलै नाही लवट के तू अइलै नाता सबही से तोड़लै हमसे दूर तू भइलै रहिया ताकेला अंगनवा , तोहार सुगना आईजा आईजा अंगनवा , हमार सुगना आईजा आईजा अंगनवा……………………   अबके कहके तू गइलै, नाही जल्दी तू अइलै माई – बाप के असरा, ओनकर सपना तू तोड़लै हमनीक जीयै क तू हउवा, आधार सुगना आईजा आईजा अंगनवा , हमार सुगना आईजा आईजा अंगनवा……………………   तोहै जोहै पूरा गाँव , ठंडी पीपल कै छांव जोहै खेत – खलिहान , बखरी नदी कै सिवान हउवा गाँव कै तू…

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