आपन बात

आभाषी दुनिया के मकड़जाल मे अझुराइल अदमी के लग्गे अपने भाषा के लेके केतना समय बा , एकर उत्तर खोजे के जरूरत नइखे । उत्तर सगरों छीटाइल बा , देखि समझी आउर बिचारी । ना जाने केतनी भोजपुरी के पत्र पतिरका कब शुरू भइनी स , आ कब बन्न हो गइनी स , केतना जाने के मालूम बा ? ओहमे एगो पतिरका इकाई के अंक से दहाई के अंक मे पहुँच रहल बा , सराहे जोग बा । जवन समाज अपने कर्मठता ला जानल जाला , आज उहे समाज आपन…

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