चइता

रचिभइया फोनवा लगइतअ हो रामा पिया परदेसिया पिया के नमरवा मिलइतअ हो रामा पिया परदेसिया   जहाँ पिया गइले तहाँ दिन इहाँ रतिया जगलो के फेर से जगइतअ होरामा पिया परदेसिया   कुछ नाहीं कहलीं सुरुज चना सोझवा झुठहीं कोहइला के मनइतअ हो रामा पिया परदेसिया   कुछ नाहीं चाहीला हो कुल्हि सुख संगही मन के बसन्त रितु अइतअ हो रामा पिया परदेसिया   आनन्द सन्धिदूत

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