प्यार के रखवाला रहले – संत वेलेटाइन

1260 में संकलित एगो किताब जेकर नाव ह – ‘ऑरिया ऑफ जैकोबस डी वॉराजिन’ में संत वेलेंटाइन के वर्णन मिलेला ओकरा अनुसार रोम में तीसरी शताब्दी में सम्राट क्लॉडियस के शासन रहे । उ  मानत रहले कि लोग पारिवारिक मोह माया आ जा प्रेम विवाह (जाल ) करे  से पुरुषन  के  शक्ति क्षीण आ बुद्धि कमजोर हो जाला , जेकरा से सेना में सही से काम करे में दिक्कत आवेला। आउर लोग  सैनिक बने के प्रति उदासीन हो जाला ।  एह से राजा  एगो  आदेश जारी कइले कि उसका राज के  कोई भी सैनिक आ…

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आज के समाज मे…

आज के समाज मे बहुत अइसन काम हो रहल बा जेकरा बारे मे हमनी के पूर्वज कबो कल्पना तक ना कईले होहिए I रोज अइसन-अइसन बात हमनी के समाज से सामने आ रहल बा जेकरा सुन के कान पर विश्वास नईखे होखत की आईसनो हो सकत बा I अभी हाल ही मे एगो समाचार आइल रहे की गुरुग्राम के एगो स्कूल मे एगो बच्चा के सौचालय मे चाकू से ओही स्कूल के दोसर बच्चा एह से मार देहलस की ओकर पी टी एम टल जाए कुछ दिन खातिर , ई…

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का अब सामाजिक अनुशासन के जरूरत नइखे ?

पलिवार एगो अइसन संस्था ह , जवन अनुशासन के संगे नेह – छोह आउर रिस्तन के अपने मे बन्हले आ जोगवले आगु बढ़ेला । जहवाँ आदर – सनमान  , छोट – बड़ के गियान आ समझ के सोर ढेर गहिरा से जकड़ेले , समाज के ताना – बाना के मजगुती देले । समाज के भीतरी के बुनावट के संभार के इंसानियत के रसते एक दूसरा के सहारा बने के भाव उपजावेले । एकरे चलते पलिवार के इजत समाज मे दमगर रहेला ।  आपुसी रिसता के मोल आ महातिम , एक…

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