हमार गाँव

हमर गऊआं गजब अलबेला

उदास कभी होखे ना देला ।

 

ओहि मोरा गऊआं में बलवां बधरिया

धानी चुनरिया में लागे बहुरिया

डोल्हा पाती ओहिजे जमेला

उदास कभी होखे ना देला ।

 

ओहि मोरा गऊआं में चाना के पुलिया

मछरी फँसावे ला लागेला जलिया

ओकर पीपर त लागे झुमेला

उदास कभी होखे ना देला ।

 

ओहि हमर गऊआं में जिला चउकवा

ओहिजे  मिलेला सउँसे गाँव के सनेसवा

ओहिजा कुछु कुछु केहु बकेला

उदास कभी होखे ना देला ।

 

ओहि मोरा गऊआं में काली स्थनवा

रोजे रोज  होखेला उनुकर पुजनवा

उनुके किरिपा से गऊआं हँसेला

उदास कभी होखे ना देला ।

 

  • डॉ. हरेश्वर राय, सतना, मध्य प्रदेश

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