माई अइसनो होली

“देह के माई सोपलख भारत माई के आपन लाल ” बहुते समय पहिले के बात बा कि भारत आउर चीन के बीच लड़ाई छिड. गइल रहे ।बहुते मार काट भइल ! खून के नार बहल ! केतनी के  माँग के सिंदूर मिटल ! केतना बहिन के भाई शहीद भईल ! केतनी  महतारिन के गोद सुन भ गइल । केतनी घरे के कुल के दियरी बुता  गइल ! तबो लड़ाई शांत ना भइल । लड़े खातिन सेना कम पड़े लागल त हमरे भारत देश में देशभक्तन  के कमी नइखे  । सौ के जगह हज़ार लोग आपन नाम देवे के खातिर आ गइल । ऎगो भारतमाई के परम भक्त रहे जेकर नाम रहे रामानंद । ओकर रग ..रग में देशभक्ति खून बन के उबलत रहे ।  आपन देश के सेवा करे खतिन पर ओकर माई बहुते दिन से बीमार रहे । ओकर बेटा के सिवा और कौनो ना रहे ओकर देख ..रेख करे खतिन । ओकर माई देखलख की आपन बेटा के देशभक्ति ,कर्तव्यनिष्ठा औउरी देश प्रेम के आरे आवतानी त छत पर से कूद के आपन जान दे देहलख । ओकर बेटा जब पूछलख की माई तू अईसन काहे करलूँ ? त ओकर माई हँसते हुए कहलख कि अब त हम अइसो चार दिन के मेहमान बानी । आज़ ना त काल हम आपन बेमारी से मर ही जाएम  । ई बीमार माई से ढेर ज़रूरत तोहर भारत माँ के बा जा ओकर लाज बचाव !

  •  पूजा गुप्ता “नेपाल “

Related posts

Leave a Comment