भोजपुरी भाषा

सबका मन के नेह अउर तू सबका मन के आशा
देश- विदेश में व्यापल जे ऊ भोजपुरी भाषा

नेपाल , गुयाना ,मॉरिशस कि फीजी आ सूरिनाम
टेक रहल बा रोजे माथा , जपत रहत तोर नाम

भारत में तू बाड़ू लमहर भुँई भाग के बोली
यू पी , बिहार , झारखंड में हिन्दी के हमजोली

न रहल कबो तहरा त बाटे स्व – प्रचार के लालच
साफ – साफ बोले समझे में ,तनिको नाहीं घचपच

तहरा पाले बड़हन बड़ुए शब्दन के भांडार
कबहूँ कोमल फूल सरिस तू , तू तेगा तेरुआर

तहरे शब्दन के माला से कविता गीत बनाईं
सुख-दुख हँसी – खुशी जे आपन दुनिया के बतलाईं

तहरा जरिये सीख सिखवलें , गोरख वाणी गइलें
साखी बिजक रमैनी पद गा , दास कबीर सुनइलें

भोजपुरी भाषा के संतति दुनिया में बा आगे
भाषा में बा बल अतुना जे सीमा से ना भागे

तहरे चरनन बाटे मइआ आपन माथ झुकवले

हक माँगेला लोग करोड़न आपन हाथ उठवले

 

 

 

  • डॉ ब्रज भूषण मिश्रा

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