बडा हो नींक गोरी बा हमनीं के गऊवां

फइलल शहर में प्रदूषन के पऊवां, बडा हो नींक गोरी बा हमनीं के गऊवां,, जहवां वसेलन भोले भाले किसनवां, छप्पर, बेनजरी के जिनकर मकनवां,, इहे साच बाडे गोरी, बात ना बनऊवां, बडा हो नींक गोरी बा……   घन बसलरिया में पवन झकोरवा, चरर मरर बोले जईसे,बगिया में मोरवा,, चहके चिरईया सभी ठावं ठऊवां, बडा हो नींक गोरी बा ….   निशा रानी घसिया में मोतिया बिछावैं, ऊषा प्यार भर के आपन अंचरा सजावैं,, लेला भूजंग जहाँ ठाकुर जी के नऊवां, बडा हो नींक गोरी बा….   जहाँ अमराई फूले खिलै…

Read More

कुछ दिन के बाद

सूरत पर सीरत भारी बा, पता चलल कुछ दिन के बाद..   हम कबो कमजोर ना रही, दिल टूटल कुछ दिन के बाद..   जीत, हार, नाफा, नुकसान, सब मिलल कुछ दिन के बाद…   रिश्ता नाता खूब निभवलीं, गांठ परल कुछ दिन के बाद…   नाच नचवलस समय रे! भाई, भाग जागल कुछ दिन के बाद…   सांझ सवेरे कलम चलवनी, नाम छपल कुछ दिन के बाद…   आग लगाके गईल डी.के, धुआँ उठल कुछ दिन के बाद…     डी.के सिंह( गीतकार) ✍

Read More