धन धनिके के खात बा

केहू संगे कूट बोल केहू झूठ बोल केहू संगे बोल के अरूठ बच जात बा दीन हीन जन के भविष्य सुख प्रावधान छीन छीन छिनला पर बखरा बँटात बा धन पाछा केतना ना होत बाटे छलबल बड़े बड़े ओहदा से लोग उधियात बा केहू बाटे बाण्ड पर केहू बा रिमाण्ड पर धन के ना धनी धन धनिके के खात बा।।1।। पूत के न बाप पूछे बाप के न पूत पूछे खून में खुनुस खून खून अझुरात बा कौनो ओर मेहर भतार चले कौनो ओर घरवे में घर के कतल होइ…

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