दिल

आदमी के दिल दरिया ह,सागर ह, हर चीज से बडा़ ह । चीकन ह मक्खन जइसन, मोम जइसे पिघल जाला, बाकिर, हीरा से भी कड़ा ह । . तड़पेला तकलीफ देखि ,दोसरा के, मौका पर ,जान भी,दे देला । उहे दिल,आतना,निष्ठुर ह,निर्दयी ह कि, बिना हिचक के,जान भी, ले लेला । । स्थिर ह आताना कि,, कवनो झंझावात तूफां से भी ना हिले । सरल ह,ढलान देखि बहि जाला , कठोर ह कि, मिलियो के भी ना मिले ।। सहि लेला आधात,बोझ दोसरा के, अपना माथा पर रखि लेला ।…

Read More