भउजी के पुजारी

भइया बनी गइले भउजी के पुजारी भाई जी घर में रही के कइसे जिनगी गुजारी भाई जी, उनके खाता में भइया के आवे कुल्ही कमाई, बिन दावा के बिलखत बाड़ी घर में बुढ़िया माई, दीहली स्वर्ग जइसन घर के उजारी भाई जी, भइया बनी गइले भउजी के पुजारी भाई जी, दाना दवाई कइले बाड़ी रूचत नइखे खाना, तोर-मोर करी लडत बाड़ी माई से रोजाना, दुखवा मिलत बाटे कतना हम उचारी भाई जी, भइया बनी गइले भउजी के पुजारी भाई जी, बाबूजी के हुक से उनके जान गइल अखडेरे, सोंच के…

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