बागी बलिया

गंगा सरयू टोंस के संगम जहवा होला भृगु क्षेत्र ह बलिया दादा लोग रहेले भोला जहां के भृगु बाबा सुनs विष्णु से लड़ गईले अंग्रेजन के गुरुर के डाउन मंगल कइले। ओह धरती में ऊर्जा बाटे मुर्दा भी मुस्काला चितु के गर्जन सुन के अंग्रेज कइले हल्ला   बागी बलिया ह ओकर अगस्त क्रांति के अगुआ आज़ादी के खातिर ओइजा मुअले बहुते बबुआ हिंदी के हस्ताक्षर भइले हज़ारी प्रसाद द्विवेदी केकर अइसन हिम्मत होइ के लक्ष्य के भेदी परशुराम चतुर्वेदी के संत परंपरा भइल जहवा जारी जे भी आपन जोर…

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हमार गांव

हमार गांव ना अइसन तइसन सगरो गांव से भारी बा खेती बारी दूर भइल ना खुरपा बा ना कुदारी बा   खेती में खूब काम भइल उ मेहनत ना जारी बा हरीश रकेश मौज में बारे मुंह मे सब दिन गारी बा   बाबा के खीस पर डर समाइल अंजुवो मन पर भारी बा कइसे कहीं बात ओहदिन के अंजुवो ले निकझारी बा   गांव गांव ह ऊपर नीचे केकरा काम के के खींचे सवसेे अब त भइले बबुआ खेती लागत बेमारी बा खाँची खचोली लउकत नइखे गोबर गोइठा कतहु…

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