घुंघुटा से झाँके जइसे चंदा रे बदलिया

कँवल कदलिया जस मुखड़ा के ललिया घुंघुटा से झाँके जइसे चंदा रे बदलिया। झिलमिल तारा से सजल सिलिक सरिया लिलरा प चमके बिंदी जइसे रे बिजुरिया। ओठवा के लाली जइसे पंखुड़ी गुलाब के गोरिया लाजालु काहे दाँतावा से दाब के। गलिया के चुमे तोहार कानवा के बलिया घुंघुटा से झाँके जइसे चंदा रे बदलिया।   कँवल कदलिया जस मुखड़ा के ललिया घुंघुटा से झाँके जइसे चंदा रे बदलिया।   देवलोक के परी तु अइलु आसमान से दिलवा में घुस गइलु कवना विमान से। सावन घटा तोहार लमी काली केश हो…

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