कुक्रांद

चौंकि गइनी़ नू ई नाम सुनिके? देश में बनेवाला हजारन दलन में ई एगो दल के नाम ह, जवन अबे नये बनल ह। ओइसे त ई दल बने  आ बनावे के विचार कई साल से चलत रहल ह, लेकिन कई अड़चनन का बावजूद ई रजिस्टर्ड पाटी होइए गइल बा। भइल ई कि कुछदिन पहिले फुलेसर आ भुवर के कुक्कूर आपस में लड़ि गइले सन। समय बीतल, ओ कुक्कूरन में इयारी हो गइल, लेकिन फुलेसर आ भुवर में लाठी- लउर निकलि गइल आ आजु ले बोलोचाल बन बा। उहे कुक्कूरा रोज…

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लोगवा प्रेम के छोड़ी पइसा ला भुखाइल बा

का कहि कुछ कह ना पाइब।। एह जमाना में अब रह ना पाइब।। देखि दुनिया के रीती ।। दिल पर का का बीती।। एक दूसरा के प्रेम नाही मिलत ता जमाना में।। सभे लोभाइल बाटे भुलाइल माया के खजाना में।। का रहे उ दिन ए भईया।। आज भाइये बनल बा कसइया।। ई खेल त समझ में ना आइल बा।। लोगवा प्रेम के छोड़ी पइसा ला भुखाइल बा॥ आपन रिश्ता त हो गइल बा बेगाना।। कबो केहू के ना लागल बा आना जाना।। केकरा से कही दिल के बात सभे हमसे…

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चाऊर कइसे पवित्तर हव

जब भात में हमरे छूत लगल तब चाऊर कसे पवित्तर हव समझ न पऊलन राम आज तक, ई कवन गुरु चरित्तर हव।   जे धरम बनाइस बाँचत बाटे ओकर मनवा कित्तर हव पाखण्डी किरदार चुल्हानी आजो खड़ा निरुत्तर हव।   होत तमाशा खूब बिधाता राख के तोहरै चित्तर हव तू कहीं छुआला कहीं पूजाला कोई कै हाँथ बिचित्तर हव।   घिन्नाला भाई से भाई कोई समूचा इत्तर हव कऊनों देहियाँ बसैं नरायन कोई इहाँ फटिच्चर हव। तब कईसे कह दीं झूठ बतावा मानुस मानुस मित्तर हव “योगी” खोट बुझाला लेइ…

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बुरा ह!!

खुसामद कइल आ करावल बुरा ह । दियानत के धोवल-धोआवल बुरा ह ॥ अगर साफ मन से केहू के जे आंटी । त अंटला के गाथा के गावल बुरा ह ॥ जवन बात सपनों में दे दीं केहु के । त बजरो के परले टरावल बुरा ह ॥ बे पेनी के लोटा बने के ना चाहीं। सिक्का के खोटा करावल बुरा ह ॥ केहू रार ठानी त तनिको डरीं मत। बिना बात झगरा बेसाहल बुरा ह ॥ कमाई सेअनकर भरीं मति तिजोरी। दोसरा के धन के उड़ावल बुरा ह ॥…

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