घोघो रानी , कतना पानी ?

 

घोघो रानी , कतना पानी ?
बबुआ अब तs डूबत बानी ।

डूब गइल बाटे धनखेती ।
पानी दिहलस गरदन रेती ।
गाछ – बिरिछिया डूब गइल बा , 
चारु ओरिया पानी-पानी । बबुआ अब …..

डूबल अगुवारा – पिछुवारा ।
धुसले बा पानी के धारा ।
पानी-पानी कर देले बा , 
छप्पर के छुअले बा पानी । बबुआ अब ….

लागत बा जिनिगी ना बॉची ।
पानी पर कबले ई नाची ।
भुखे-पिआसे कबले जीहीं ,
कबले जोहीं दाना-पानी । बबुआ अब ….

आसमान उड़त चिल्हगाड़ी ।
झॉकत बाड़ें पारा-पारी ।
खलिहा मदद मिलल भरोसा ,
झॉक-झुँक लवटे रजधानी । बबुआ अब…..

बनत गरीबन के बा नेता ।
पर गरीब के ना बा चिन्ता ।
रैली होखे केकरा लागि ?
नाच- नचा के लोग जुटानी । बबुआ अब ….

  • डॉ ब्रज भूषण मिश्रा 

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