लोगवा प्रेम के छोड़ी पइसा ला भुखाइल बा

का कहि कुछ कह ना पाइब।।

एह जमाना में अब रह ना पाइब।।

देखि दुनिया के रीती ।।

दिल पर का का बीती।।

एक दूसरा के प्रेम नाही मिलत ता जमाना में।।

सभे लोभाइल बाटे भुलाइल माया के खजाना में।।

का रहे उ दिन ए भईया।।

आज भाइये बनल बा कसइया।।

ई खेल त समझ में ना आइल बा।।

लोगवा प्रेम के छोड़ी पइसा ला भुखाइल बा॥

आपन रिश्ता त हो गइल बा बेगाना।।

कबो केहू के ना लागल बा आना जाना।।

केकरा से कही दिल के बात सभे हमसे रिसिआइल बा।

लोगवा प्रेम के छोड़ी पइसा ला भुखाइल बा ।।

कुछ बीतल बा कुछ और बा बाकी।।

जिंदगी समझ ली हमार बन गइल बा झाँकी।।

मोहित के नीक ना कबो केहू से दिआइल बा।।

लोगवा प्रेम के छोड़ी पइसा ला भुखाइल बा।।

  • दीपू कुमार “मोहित”

 

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