मातृभाषा

माई हो हम तहरे जइसन बात करीं भोजपुरी में।
अपनाई ले दोसर भाषा, ज़रूरत में, मजबूरी में।
तूही असरा, तूही चिंता,
तहरे से सिरजल संसार बा
जहवाँ माई, मातृ-भाषा ना,
ऊ माटी बेकार बा
तहरे जइसन नेह छोह
दोसर के दरसाई हो
हो जाई सब कुछ केहू,
नाही होई माई हो
हम दूनो से प्यार करीले,
दूनो खातिर मन में आदर बा
जे अपना माई से साँचों प्यार करेला,
ओमें सब माई खातिर जीवन सादर बा
माई के आशीष रही त
ना होई कवनो कष्ट से सामना।
आज अंतर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस पर,
सबके बा शुभकामना।।
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– केशव मोहन पाण्डेय

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