सवाल के गठरी

हमनीके देश नया नया सवाल उगावे वाला देश ह । कुछ सवाल त परमानेंट बान स जवन कबो ना बदलेलस, साँच कहल जॉव त हमनीक ओके बदलले ना चाही जा । रउवा इहो कह सकीला की सवाल से लड़ल हमनी क पुरनका शौक ह । लईकिन के आजादी आ पोशाक प सवाल त सनातनी सभ्यता का हिस्सा ह । ओहिजे बेरोजगारी वाला सवाल प बुरबक नियर चुप रहले में भलाई समझी ला जा । खुदे कामचोरी क के भरस्टाचार के शिस्टाचार वाला दर्जा दे के नेताजी के भरस्टाचार के गरियावल हमनीक पुरान आदत हिय ।  किसान खातिर सैकड़ो योजना बनवला के बादो अउरी गगरीन लोर बहववला के बावजूद किसान काहे आत्महत्या करता ? एकर जबाब न हमनीके लगे बा ना किसान के चिंता करे वाला मलिकार लोग के पास ।  दहेज बिरोधी आंदोलन में बढ़ चढ़ के हिस्सा लेके जोर जोर गर फार के नारा लगवला के बावजूद अपना लइका के बियाह के समय दहेज मांगे में हमनीक जबान काहे न लडखडाला ? सवाल क त अम्बार लागल बा लेकिन जबाब खाड़ बा गुंग लेखा जइसे ओकरा मुँह में जबाने नइखे । कश्मीर से कन्याकुमारी तक सवाल के फसल लहलहातीया । हमनी के नेताजी लोग एकर जबाब देहला के जगह एके एक दोसरा प फेके के कला में माहिर हवे लोग ।   सवाल के घुमावे में ओह लोग के कवनो जोड़ नइखे ।

सवाल इहो बा की सत्तर बरिस क पाकल उमिर में चहुँपला के बाद भी हमनीके बचकाना हरकत बदलत नइखे । का इहे बेशर्मी, असंवेदना, फूहड़पन के साथ हमनीक आवे वाला उमिर के सामना कइल जाई ? सदन में हो रहल कार्यवाही आ ओकरा में शामिल सदस्य लोग के ढंग देख के त अइसने लागता ।सड़क प गाड़ी चलावे के समय कवनो गाड़ी अगर हमनीके गाड़ी से आगे निकल जाई त हमनीके आगे निकले वाली गाडी के ड्राइवर के मरे मारे प उतारू होईल कवन सभय्ता के निसानी ह ?  तनकी सा गोड़ छुवा गइला प केहू के रॉड से मार मार के जान लेहल इ कवन मानवता ह ? का शिक्षा आ चिकित्सा जइसन जइसन पवित्र पेशा सिर्फ ब्यपार बन के रह जाई ? समाज में लईकिन, मेहरारुन, के ऊपर होत अत्याचार के साथ हमनीके बिकशीत देश वाला कतार में आपन नोचल मुँह ले के खाड़ रहल जाई ? नया स्कुल कॉलेज दिन प दिन खुलते जातानस ।  इ समय के मांग बा । एहिजा से करोड़ो युवा डिग्री ले के बाहर आवतानस लेकिन सबके नौकरी देहल सम्भव नइखे ।  त काहे ना सरकार अइसन शिक्षा के ब्यवस्था करतिया जवन ब्यवहारिक आ रोजगार दिवावेवाला होखे । सवाल के पाछे सवालन क लमहर लाइन बा लेकिन ओकर जबाब नदारद बा । इंसानियत, मानवता, संवेदना वाला बिया ओरात चल जाता ।  एकरा बिना इंसान क जिनगी कइसे चली ?

तारकेश्वर राय

ग्राम + पोस्ट : सोनहरियाँ, भुवालचक

जिला : गाजीपुर, उत्तरप्रदेश

 

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