बडा हो नींक गोरी बा हमनीं के गऊवां

फइलल शहर में प्रदूषन के पऊवां,

बडा हो नींक गोरी बा हमनीं के गऊवां,,

जहवां वसेलन भोले भाले किसनवां,

छप्पर, बेनजरी के जिनकर मकनवां,,

इहे साच बाडे गोरी, बात ना बनऊवां,

बडा हो नींक गोरी बा……

 

घन बसलरिया में पवन झकोरवा,

चरर मरर बोले जईसे,बगिया में मोरवा,,

चहके चिरईया सभी ठावं ठऊवां,

बडा हो नींक गोरी बा ….

 

निशा रानी घसिया में मोतिया बिछावैं,

ऊषा प्यार भर के आपन अंचरा सजावैं,,

लेला भूजंग जहाँ ठाकुर जी के नऊवां,

बडा हो नींक गोरी बा….

 

जहाँ अमराई फूले खिलै गुलशनवां,

शीतल सुगंध मंद बिहसै पवनवां,

कतहूं ना बाय गोरी, जहाँ झावं झऊवां,,

बडा हो नींक गोरी बा……

 

धनवा के रोपनी में कजरी के गितिया,

रिमझिम फुहार से उपजै पीरितिया,,

नीबिया पे रसरी क झूलना झूलनवां,,

बडा हो नींक गोरी बा……

 

होली में गोरिया के बिहसै सेजरिया,

रंग गुलाल ऊडै, सगरी बखरिया,,

पिया के बोलावेनीं, हेनीं आयीं रऊवां,

बडा हो नींक गोरी बा……

 

खन के चइतवा में खेते खेते कगनां,

गेहुआं से भर गइलें सभी घर अंगनां,,

थिरकेला ”मनु” के धरती पर पऊवां,,

बडा हो नींक गोरी बा हमनीं के गऊवां,,,

 

  •       मनोज मिश्र ”मनु”

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One Thought to “बडा हो नींक गोरी बा हमनीं के गऊवां

  1. Shubham Mishra

    ❤️❤️❤️❤️🤍

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