दिल

आदमी के दिल दरिया ह,सागर ह,
हर चीज से बडा़ ह ।
चीकन ह मक्खन जइसन,
मोम जइसे पिघल जाला,
बाकिर, हीरा से भी कड़ा ह ।
.
तड़पेला तकलीफ देखि ,दोसरा के,
मौका पर ,जान भी,दे देला ।
उहे दिल,आतना,निष्ठुर ह,निर्दयी ह कि,
बिना हिचक के,जान भी, ले लेला । ।

स्थिर ह आताना कि,,
कवनो झंझावात तूफां से भी ना हिले ।
सरल ह,ढलान देखि बहि जाला ,
कठोर ह कि, मिलियो के भी ना मिले ।।

सहि लेला आधात,बोझ दोसरा के,
अपना माथा पर रखि लेला ।
ललन ” अकसरुआ,अपनावे के चक्कर में गैर के,
तींत धोंट अनुभव के, चखि लेला,
तींत धोंट अनुभव के चखि लेला ।।

  • लल्लन सिंह

ग्राम पोस्ट – खरहाटार
जिला बक्सर बिहार

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