जिन्दगी के सहेली- पहेली भइल

जिन्दगी के सहेली- पहेली भइल ,
नीब से भी कसोतर करेली भइल l

जे बुराई में बूड़ल उहे सांच बा ,
उनके जिम्मा सियासत हवेली भइल l

जे बा जाहिल ऊहे आज सरदार बा ,
बोली उनकर त चम्पा चमेली भइलl

अब कहाँ जाके ईमान जोखबि सभे,
जोखे वाली ही चम्पत झरेली भईल l

खोजअ् ‘सोनी’ झुमक तू नयन मुंदि केे ,
सब इंहें बा ना कुछुओ बरेली गइल l

@सोनी सुगंधा

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