जय शिव शंकर

बसहा बैलवा के शिव क के सवारी,
तिहुँ लोक भ्रमण भोला करेले त्रिपुरारि।
 
औघड़ दानी हउँए सभका से उ निराला,
जटा में गंगा मइया गरवा में सर्प माला।
कष्ट मिटावे सभकर हउँए उ पापsहारी…
तिहुँ लोक भ्रमण भोला करेले त्रिपुरारी।
 
क्षण में बना उ देले क्षण में बिगाड़ देले,
खुश होले जब भोला सभ कुछ भर देले।
धन दौलत सुख शांति देले घरs अटारी…
तिहुँ लोक भ्रमण भोला करेले त्रिपुरारी।
 
कुपित होले जब उ खोलेले तीसरा अखियाँ,
काँपे लागेला सभे केहूँ नाही पारे झकियाँ।
मातल रहेले खाके भांग त्रिशूलsधारी…
तिहुँ लोक भ्रमण भोला करेले त्रिपुरारी।
 
दीपक तिवारी
श्रीकरपुर, सिवान।

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