चेतावनी पाकिस्तान के

अइसन पड़ोसी मिलल,निपटे अनाड़ी धीकल।

सीजफायर तुड़ के,बढ़ावत हमार खीस बा।।

खइला- छइला बिनु टुटल,चीन के हांथे बा बिकल।

भाड़ा के गोहार प, बनत चार-सौ-बीस बा।।

बने ला अमीर चंद,घर में करे मुसरी दंड।

भोजुआ तेली बनत, भोज महाराज बा।।

करजा में डुबल आकंठ, तबहुं अतना घमंड।

एटम बम के धमकी से,लोग के डेरावत बा।।

लुकी-छीपी करे घात,लात के देवता

ना माने ना बात।

आईके सीमा पररोज, रेड़ ई बेसाहता।।

पंच के सुनेना बात, करे राड़ दिन रात।

असहीं बिनास आपन,अपने बोलावता।।

धरती के स्वर्ग पर,पपियन के भेजी कर।

नरको से बदतर,एह के बनवलेबा।।

जेहाद के नाम पर ,भल लोग के खून कर।

दीठ कशमीर पर ई ,कब से गड़वले बा।।

अशीरबाद दींहीं माई,जल्दी सीमा प जांई।

पापी के खोराक देके,होश हेठे लावेद।।

इस्लामाबाद लाहौर काँराची,एको ना अब बांची।

नकसा से राकसा के,जड़ मिटावे द।।

अबकी बेर खाई मात, केहु ना दीहीय साथ।

धोई हांथ अबकी बे, अपना ई जान से।।

कतनो ई फुफुकारी,हांथे ना कशमीर आई।

उलुटे ई धोई हांथ,पुरा पाकिस्तान से।।

हलचल मचाइब अइसन, बीर हनुनान जइसन।

जाई के जराई आइब,राक्षसन के मान के।

ऐके मूका बाजी अइसन,बीर जामवंत जइसन।

गिरी खाई माटी भर मुंह,ना चली सीना तान के।।

  • विनोद सिंह

 

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