घुंघुटा से झाँके जइसे चंदा रे बदलिया

कँवल कदलिया जस मुखड़ा के ललिया

घुंघुटा से झाँके जइसे चंदा रे बदलिया।

झिलमिल तारा से सजल सिलिक सरिया

लिलरा प चमके बिंदी जइसे रे बिजुरिया।

ओठवा के लाली जइसे पंखुड़ी गुलाब के

गोरिया लाजालु काहे दाँतावा से दाब के।

गलिया के चुमे तोहार कानवा के बलिया

घुंघुटा से झाँके जइसे चंदा रे बदलिया।

 

कँवल कदलिया जस मुखड़ा के ललिया

घुंघुटा से झाँके जइसे चंदा रे बदलिया।

 

देवलोक के परी तु अइलु आसमान से

दिलवा में घुस गइलु कवना विमान से।

सावन घटा तोहार लमी काली केश हो

घुंघुटा हटा द सुनर देख लिहीं भेष हो।

रुनझुन बजा द चलि पाँव के पयलिया

घुंघुटा से झाँके जइसे चंदा रे बदलिया।

 

कँवल कदलिया जस मुखड़ा के ललिया

घुंघुटा से झाँके जइसे चंदा रे बदलिया।

रजनीगंधा जस महके देहिया सुदूर से

चूड़ी कंगन खनके तोहार गोरी गुरूर से।

झील जस अँखिया प पलक के पुल बा

कनखी चला द फिर मुअल कबूल बा।

मुँहवा प काहे हमरा राखेलु हथेलिया

घुंघुटा से झाँके जइसे चंदा रे बदलिया।

 

कँवल कदलिया जस मुखड़ा के ललिया

घुंघुटा से झाँके जइसे चंदा रे बदलिया।

 

  • विमल कुमार

ग्राम +पोस्ट-जमुआँव

थाना-पीरो,भोजपुर,बिहार

 

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