सुनली ह ! आज 15 अगस्त हौ

तिरंगा के कहनी में बा जोश

इहवाँ कहाँ बाचल बाटे होश

चोरवे खोजत बाड़े सन चोर

गली-कूचा में चालू गस्त हौ।

सुनली ह ! आज 15 अगस्त हौ॥

 

बिला रहल बाटे जवान-किसान

नीक के बाटे, सभै परेशान

माजा लूटल कुछ लोगिन के बा

बाकि त इहवाँ, सबही त्रस्त हौ।

सुनली ह ! आज 15 अगस्त हौ॥

 

आपुस मे कतना बाटे राड़

कतौ सूखा बाटे कतौ बाढ़

इहाँ के मनई क दशा दिशा का

दिल्ली में भइया सभै मस्त हौ।

सुनली ह ! आज 15 अगस्त हौ॥

 

गोरका गइलें करियवा अइलें

मूस मोटाई त लोढ़ा भइलें

गाँवे के बाति हम का बताईं

इहाँ शहर के मनई पस्त हौ।

सुनली ह ! आज 15 अगस्त हौ॥

 

  • जयशंकर प्रसाद द्विवेदी

 

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