इयाद रखिहs

तू आछा तरह से इयाद रखिहs
जब तू घर के चउखट लंघबू
लोग तहरा के तिरछोल नज़र से देखी
जब तू गली से होके गुजरबू
लोग तहरा पाछे लगिहें सीटी बजइहें
जब तू गली पास कके मेन सड़क पर पहुँचबू
लोग तहरा के चरित्रहीन कहिके गरियइहें
तू बेअर्थ हो जइबू अगर पाछे लउटबू
वरना जेतिया जा तारू बढ़त जा
(मूल कविता-तस्लीमा नसरीन)
भोजपुरी भावानुवाद – डॉ मुन्ना कुमार पाण्डेय

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